-
कल की हसीन चाह में
कल की हसीन चाह में, आज गंवाते चले गए,
हम ज़िंदगी के मायने, भुलाते चले गए!
झूठी सी ख्वाहिशों का बोझा, सर पे रख लिया,
खुद अपना ही वजूद, मिटाते चले गए!
कागज़ के चंद टुकड़ों को, कमाते चले गए,
रिश्तों की नाज़ुक डोर को, उलझाते चले गए!
कल की इसी तलाश में हमने, सुकूं खो दिया,
ख़ुद अपनी ही ख़ुशी को हम, जलाते चले गए!कल की हसीन चाह में कल की हसीन चाह में, आज गंवाते चले गए, हम ज़िंदगी के मायने, भुलाते चले गए! झूठी सी ख्वाहिशों का बोझा, सर पे रख लिया, खुद अपना ही वजूद, मिटाते चले गए! कागज़ के चंद टुकड़ों को, कमाते चले गए, रिश्तों की नाज़ुक डोर को, उलझाते चले गए! कल की इसी तलाश में हमने, सुकूं खो दिया, ख़ुद अपनी ही ख़ुशी को हम, जलाते चले गए!0 Comments ·0 Shares ·361 Views ·0 Reviews -
तूफ़ान से लड़े थे तो सलामत रहे थे हम,
कश्ती को बचाते हुए साहिल पे बिखर गए।
रोका था बहुत दिल ने कि मुड़ कर न देखना,
हम फिर भी तेरी याद की गलियों से गुज़र गए।
दावा तो बहुत था कि उन्हें भूल जाएँगे,
आवाज़ सुनी उनकी तो रस्ते में ठहर गए।
पलकों पे सजाया था जिन्हें हमने ख़्वाब सा,
वो आँसू की तरह मेरी आँखों से उतर गए।
मिलने की क़सम खाई थी उसने ही बार-बार,
जब आई घड़ी पास तो बातों से मुकर गए।
#shayari
#poetryतूफ़ान से लड़े थे तो सलामत रहे थे हम, कश्ती को बचाते हुए साहिल पे बिखर गए। रोका था बहुत दिल ने कि मुड़ कर न देखना, हम फिर भी तेरी याद की गलियों से गुज़र गए। दावा तो बहुत था कि उन्हें भूल जाएँगे, आवाज़ सुनी उनकी तो रस्ते में ठहर गए। पलकों पे सजाया था जिन्हें हमने ख़्वाब सा, वो आँसू की तरह मेरी आँखों से उतर गए। मिलने की क़सम खाई थी उसने ही बार-बार, जब आई घड़ी पास तो बातों से मुकर गए। #shayari #poetry0 Comments ·0 Shares ·415 Views ·0 Reviews -
मालूम हमें भी है वो अब लौट न आएगा,
पर ख़ुद से यही झूठ हम सौ बार करते हैं।
गिर कर तेरे क़दमों में तो हम रो नहीं सकते,
हम इश्क़ में भी ख़ुद को बड़ा ख़ुद्दार करते हैं।
चाहत तो मेरी आँखों से छुपती ही नहीं है,
होंठों से मगर आज भी इंकार करते हैं।
सीने में छुपे ज़ख़्म दिखाते नहीं सबको,
हम ख़ुद को ही अंदर से यूँ बीमार करते हैं।
#shayari
#ghazalमालूम हमें भी है वो अब लौट न आएगा, पर ख़ुद से यही झूठ हम सौ बार करते हैं। गिर कर तेरे क़दमों में तो हम रो नहीं सकते, हम इश्क़ में भी ख़ुद को बड़ा ख़ुद्दार करते हैं। चाहत तो मेरी आँखों से छुपती ही नहीं है, होंठों से मगर आज भी इंकार करते हैं। सीने में छुपे ज़ख़्म दिखाते नहीं सबको, हम ख़ुद को ही अंदर से यूँ बीमार करते हैं। #shayari #ghazal0 Comments ·0 Shares ·410 Views ·0 Reviews -
दिल में दर्द है, तेरी याद है आँखों में नमी, तेरी याद है #twoliners #shayari0 Comments ·0 Shares ·593 Views ·0 Reviews
-
मेरे दिल का चैन हो तुम
मेरा हो 'इत्मिनान' तुम
डूबने का खौफ़ क्या जब
मेरी हो पहचान तुम
बढ़ते दरिया से कहो अब,
मिल गया साहिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे
दिल की ऐ 'धड़कन' ठहर जा, मिल गई मंज़िल मुझेमेरे दिल का चैन हो तुम मेरा हो 'इत्मिनान' तुम डूबने का खौफ़ क्या जब मेरी हो पहचान तुम बढ़ते दरिया से कहो अब, मिल गया साहिल मुझे आप की नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे दिल की ऐ 'धड़कन' ठहर जा, मिल गई मंज़िल मुझे0 Comments ·0 Shares ·642 Views ·0 Reviews -
यहाँ सब किराएदार हैं, मकान किसका है?
साँसों की मोहलत पर, गुमान किसका है?
जब जाना है खाली हाथ, तो फिर ये भार क्यों?
माथे पर शिकन और दिल में दरार क्यों?
जीवन तो एक कला है, इसे सादगी से सजाओ,
हर दर्द को गले लगाओ, और बस मुस्कुराओ।
#Shayariयहाँ सब किराएदार हैं, मकान किसका है? साँसों की मोहलत पर, गुमान किसका है? जब जाना है खाली हाथ, तो फिर ये भार क्यों? माथे पर शिकन और दिल में दरार क्यों? जीवन तो एक कला है, इसे सादगी से सजाओ, हर दर्द को गले लगाओ, और बस मुस्कुराओ। #Shayari0 Comments ·0 Shares ·744 Views ·0 Reviews -
ठोकरें नहीं लगेंगी, तो संभलना कैसे सीखोगे?
अंधेरा नहीं होगा, तो जलना कैसे सीखोगे?
ये मुश्किलें तो पत्थर हैं, तुम पानी बन जाओ,
रास्ता रोके कोई, तुम रवानी बन जाओ।
गम तो मेहमान है, आज आया कल जाएगा,
तेरा ये मुस्कुराना ही, तुझे जिताएगा।
#Shayariठोकरें नहीं लगेंगी, तो संभलना कैसे सीखोगे? अंधेरा नहीं होगा, तो जलना कैसे सीखोगे? ये मुश्किलें तो पत्थर हैं, तुम पानी बन जाओ, रास्ता रोके कोई, तुम रवानी बन जाओ। गम तो मेहमान है, आज आया कल जाएगा, तेरा ये मुस्कुराना ही, तुझे जिताएगा। #Shayari0 Comments ·0 Shares ·732 Views ·0 Reviews -
ज़िंदगी की किताब के पन्ने,
सारे कहाँ रंगीन होते हैं?
कुछ फटे हुए, कुछ मुड़े हुए,
कुछ आँसुओं से नमकीन होते हैं।
पर जो खारे पानी में भी,
मीठा सा रस घोल दे...
जो खामोश रहकर भी,
हँसकर सब कुछ बोल दे...
वही तो बाज़ीगर है, वही तो सिकंदर है।
#Shayariज़िंदगी की किताब के पन्ने, सारे कहाँ रंगीन होते हैं? कुछ फटे हुए, कुछ मुड़े हुए, कुछ आँसुओं से नमकीन होते हैं। पर जो खारे पानी में भी, मीठा सा रस घोल दे... जो खामोश रहकर भी, हँसकर सब कुछ बोल दे... वही तो बाज़ीगर है, वही तो सिकंदर है। #Shayari0 Comments ·0 Shares ·719 Views ·0 Reviews -
0 Comments ·0 Shares ·701 Views ·0 Reviews
-
0 Comments ·0 Shares ·611 Views ·0 Reviews
-
0 Comments ·0 Shares ·670 Views ·0 Reviews
-
0 Comments ·0 Shares ·563 Views ·0 Reviews
More Stories