ठोकरें नहीं लगेंगी, तो संभलना कैसे सीखोगे?
अंधेरा नहीं होगा, तो जलना कैसे सीखोगे?
ये मुश्किलें तो पत्थर हैं, तुम पानी बन जाओ,
रास्ता रोके कोई, तुम रवानी बन जाओ।

गम तो मेहमान है, आज आया कल जाएगा,
तेरा ये मुस्कुराना ही, तुझे जिताएगा।

#Shayari
ठोकरें नहीं लगेंगी, तो संभलना कैसे सीखोगे? अंधेरा नहीं होगा, तो जलना कैसे सीखोगे? ये मुश्किलें तो पत्थर हैं, तुम पानी बन जाओ, रास्ता रोके कोई, तुम रवानी बन जाओ। गम तो मेहमान है, आज आया कल जाएगा, तेरा ये मुस्कुराना ही, तुझे जिताएगा। #Shayari
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