लब ख़ामोश ही सही, निगाहों से कह तो लें,

दिल में जो रह गई हैं वो सारी बात कह तो लें।

कल क्या ख़बर, ये रास्ते फिर साथ हों न हों,

कदमों के ये निशाँ, फिर आस-पास हों न हों।

शायद.., फिर इस जनम में.., मुलाक़ात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लब ख़ामोश ही सही, निगाहों से कह तो लें, दिल में जो रह गई हैं वो सारी बात कह तो लें। कल क्या ख़बर, ये रास्ते फिर साथ हों न हों, कदमों के ये निशाँ, फिर आस-पास हों न हों। शायद.., फिर इस जनम में.., मुलाक़ात हो न हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
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