ये रात यूँ ही चुपके से, गुज़र जाएगी कहीं,

फिर याद की तरह ही, ठहर जाएगी कहीं।

इस पल की रौशनी को, ज़रा थाम कर चलो,

फिर शायद, उम्र भर, ये साथ हो न हो।

शायद, फिर इस जनम में, मुलाक़ात हो न हो।

शायद, फिर इस जनम में, मुलाक़ात हो न हो।

#TwoLiners #Shayari
ये रात यूँ ही चुपके से, गुज़र जाएगी कहीं, फिर याद की तरह ही, ठहर जाएगी कहीं। इस पल की रौशनी को, ज़रा थाम कर चलो, फिर शायद, उम्र भर, ये साथ हो न हो। शायद, फिर इस जनम में, मुलाक़ात हो न हो। शायद, फिर इस जनम में, मुलाक़ात हो न हो। #TwoLiners #Shayari
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