हल्के ही थे जज़्बात मेरे
तुम बोझ मगर उठा न पाये
इश्क़ तो बात ही छोड़ो
तुम दोस्ती ही निभा न पाये
शिकायत क्या हो कि,तुम
पराये रहे,अपना बना न पाये
~जुगाड़
#Jugad
तुम बोझ मगर उठा न पाये
इश्क़ तो बात ही छोड़ो
तुम दोस्ती ही निभा न पाये
शिकायत क्या हो कि,तुम
पराये रहे,अपना बना न पाये
~जुगाड़
#Jugad
हल्के ही थे जज़्बात मेरे
तुम बोझ मगर उठा न पाये
इश्क़ तो बात ही छोड़ो
तुम दोस्ती ही निभा न पाये
शिकायत क्या हो कि,तुम
पराये रहे,अपना बना न पाये
~जुगाड़
#Jugad
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